सच बोलने और दिखाने से नही रोक सकती मोदी सरकार: जीनल निकुंज गाला

कोरोना महामारी को सही रूप से नही निपटने, वैक्सीन की लगातार कमी, दूसरी लहर के दौरान मदद करने वालो के खिलाफ केस, और तीसरी लहर के लचर तैयारियों जैसे मामलों को लेकर मुंबई कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के कार्यकारी सदस्य, जीनल निकुंज गाला ने केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने आज बातचीत में बताया कि

“इस महामारी से जूँझने का राम बाण, वैक्सीन, का हर नागरिक तक पहुंचना सबसे ज़रूरी है। ताज्जुब की बात है कि इस तथाकथित राम राज्य में आज के दिन वैक्सीन ही सबसे बड़ी चुनौती बन गयी है। हमारे देश के प्रधानमंत्री अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि बेहतर करने के इरादे से भारत में बने वैक्सीन बाहरी देशो में भेजते रहे और नतीजा ये हुआ कि सेकंड वेव में न जाने कितने मासूम कोरोना वायरस और उससे घटित मौत के शिकार हुए। आज भी जब हम तीसरे वेव के लिए तैयारी कर रहे है वैक्सीन की कमी देश भर में महसूस हो रही है। इतने बड़े देश में केवल लगभग 4 प्रतिशत जनसंख्या को वैक्सीन प्राप्त है। ये सोचने की बात है कि हमारे प्रधानमंत्री जो कि अमरिकी इलेक्शन के पूर्व डोनाल्ड ट्रम्प को भारत भ्रमण कराने में मग्न थे और इलेक्शन के पश्चात जो बाइडेन के साथ पुराने याराने का ज़िक्र कर रहे थे, वो दिल्ली और तमाम शहरो में ऑक्सीजन की कमी से मरते लोगो के साथ एक बार भी खड़े नही हुए। हमारी ये कैसी विडंबना है जो हमें सच बोलने से रोक रही है। क्या इस महामारी में हुए सैकड़ो मौतों से ये सरकार हाथ धो सकती है? क्या हमारा उन काली रातो को भूल जाना सही है जब दिल्ली से लोग पंजाब तक गए केवल एक अस्पताल के बेड की तलाश में? उत्तर प्रदेश में मदद करते लोगो पर सरकारी पाबंदी लगाना क्या हमें स्वीकार है? कतई नही! ये लड़ाई सच के ही, एक जुट होकर लड़ने की है, और फरेबियों को चुनौती देने की है। सरकार जहा अपनी जिम्मेदारियों से भटकी, वहा तमाम समाज सेवक और विपक्षी दलों ने लोगो तक वैक्सीन पहुचाने का काम जारी रखा है। जो भी परिवार इस देश मे कोरोना से पीड़ित हुआ है, जिन्हें दवाई काला बाज़ारी में मिली, जिनको ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नही हुए, जिनके घर मौत हुई, आप जानते है लापरवाही उसमे किसकी थी।”

उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार यूपी के ब्लॉक चुनाव में धांधली हुई, महिलाओं पर अत्याचार हुए और अब पत्रकारों की जासूसी हो रही, इस पर भाजपा सरकार एक शब्द नही बोली है, और तो और योगी सरकार की वाहवाही कर के प्रधानमंत्री जी आ गए। क्या देश के मुखिया के पास देश के होनहार पत्रकार दानिश सिद्दीकी के लिए कुछ शब्द तक नही थे? हमारा जांबाज पत्रकार दूसरे देश में कार्य करते मारा जाता है पर कोई शोक तक नही प्रकट हुआ। वहीं आज पीएम के खिलाफ सिर्फ ट्वीट करने से इंडिया टुडे ग्रुप ने अपने पत्रकार श्याम मीरा सिंह को निकाल देती है। क्या सच बोलना और उजागर करना गुनाह है? मोदी राज में सिर्फ विद्वेष की राजनीति हो रही।

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